नीमच

स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

नीमच। अडानी फाउंडेशन द्वारा नीमच जिले के 65 गांवों में कुपोषण मिटाने के उद्देश्य से संचालित सुपोषण प्रोजेक्ट के तहत स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य माताओं को स्तनपान के लाभ, विशेष रूप से जन्म के तुरंत बाद दिए जाने वाले कोलेस्ट्रम (पहला दूध) की महत्ता से अवगत कराना रहा।
आशा सुपरवाइजर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपोषण संगिनी और फाउंडेशन की टीम सदस्य श्रीमती प्रगति व सुश्री साधना विश्वकर्मा ने रैली और बैठकों के माध्यम से गांवों में जनजागरूकता फैलाई। कार्यक्रम में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के छह माह तक की संपूर्ण देखभाल और पोषण से जुड़े आवश्यक उपाय बताए गए।
आज इस कार्यक्रम के समापन के अवसर पर सुपोषण टीम ने पिपलियाबाग गांव में जाकर कई महिलाओं को एक अवेरनेस कार्यक्रम कर स्तनपान संबंधी जानकारी दी।

पूर्व में संगिनी कार्यकर्ताओं व सुपोषण टीम के द्वारा चलाए गए चलाए गए कार्यक्रमों और उनके प्रयास का असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। पिपलियाबाग की महिला पूजा मेघवाल इसकी एक मिसाल हैं, जिन्होंने समय पर जानकारी और मार्गदर्शन मिलने से अपने शिशु की सही देखभाल की और कुपोषण से बचाया।
अडानी फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषण के विरुद्ध एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

स्तनपान सप्ताह के माध्यम से अडानी फाउंडेशन ने कुपोषण मिटाने की चलाई मुहिम, 65 गांवों में चला सुपोषण प्रोजेक्ट

अडानी फाउंडेशन की असिस्टेंट
सुपोषण ऑफिसर श्रीमती प्रगति ने बताया कि अडानी फाउंडेशन के द्वारा जो सुपोषण प्रोजेक्ट नीमच जिले में चलाया जा रहा है, जो विश्व स्तनपान सप्ताह चल रहा है उसके अंतर्गत हम लोग घर-घर जाकर इसको मना रहे हैं। इसमें हम लोग जो धात्री महिलाएं हैं उनको किस तरह से फीडिंग करवाना है किस तरह से उन्हें बच्चों को पकड़ना है कैसे उनका डकार दिलानी है, कितनी बार फीडिंग करवाना है आदि विषयों पर जानकारी हम लोगों ने दी है। मैं और हमारी जो संगिनी बहने हैं हम लोगों की पूरी टीम ने जिले के 65 से अधिक गांव में जा जाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से इस विशेष सप्ताह को मनाया है। कहीं पर हमने रैली निकाली है तो कहीं पर कुकिंग इवेंट किया है तो कहीं पर जाकर लोगों को जागरूक करने संबंधी जानकारियां दी है। यह हमारा फाउंडेशन गर्भवती महिलाओं और उनके नवजात शिशुओं की देखरेख और उनकी सुपोषण के लिए कार्य पिछले लंबे समय से जिले में कार्य कर रहा है।

आज अडानी फाउंडेशन की सुपोषण टीम की मेहनत जमीन पर दिखने भी लगी है। पिपलियाबाग की एक महिला पूजा मेघवाल ने बताया कि अडानी फॉउंडेशन की संगिनी ने मुझे मेरी फर्स्ट डिलेवरी के समय घर आ कर कैसे खुद का ध्यान रखना है, कैसे पोषण भरा भोजन करना है, डिलेवरी के समय क्या क्या कदम उठाने है। जब मेरा बच्चा हुआ उसके बाद उन्होंने उसकी देखभाल के सही तरीके और उसके पोषण और कैसे दूध पिलाना है उसके बारे में बताया। आज मैं और मेरा बच्चा दोनों स्वस्थ्य है।

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