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‘सेल्फ डिफेंस में जान से मार सकते हैं?’ वायरल वीडियो के दावे के बीच जानिए भारत का कानून क्या कहता है

Posted on August 19, 2026

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक शख्स सेल्फ डिफेंस यानी आत्मरक्षा के अधिकार की बात करते हुए सामने वाले की जान लेने तक की बात करता नजर आ रहा है. वीडियो में किए गए दावे के बीच यह समझना जरूरी है कि भारतीय कानून आत्मरक्षा का अधिकार तो देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी भी विवाद या हमले की स्थिति में सामने वाले की जान लेना कानूनी रूप से जायज हो जाता है.

भारत में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 34 से 44 में निजी बचाव यानी Right of Private Defence से जुड़े प्रावधान हैं. View on Instagram कब जानलेवा बल का इस्तेमाल हो सकता है? BNS की धारा 38 बताती है कि किन परिस्थितियों में शरीर की निजी रक्षा का अधिकार हमलावर की मौत तक पहुंचने वाले बल के इस्तेमाल तक बढ़ सकता है.

इसमें ऐसे हमले शामिल हैं, जिनसे मौत या गंभीर चोट का उचित खतरा हो, बलात्कार या कुछ गंभीर यौन अपराधों का खतरा हो, अपहरण या गलत तरीके से बंधक बनाने की आशंका हो, या ऐसा हमला हो जिससे व्यक्ति को लगे कि वह खुद को छुड़ा नहीं सकता. हर लड़ाई में यह अधिकार नहीं मिलता कानून में कुछ गंभीर परिस्थितियों में जानलेवा हमले से बचने के लिए हमलावर की मौत तक होने वाली कार्रवाई को निजी बचाव के दायरे में रखा गया है.

लेकिन यह सबसे महत्वपूर्ण बात है कि सिर्फ बहस, गाली-गलौज, मामूली धक्का-मुक्की या सामान्य विवाद को आधार बनाकर किसी व्यक्ति की जान लेना अपने-आप में सेल्फ डिफेंस नहीं माना जाएगा. कानून निजी बचाव के अधिकार की सीमाएं भी तय करता है. BNS की धारा 37 उन परिस्थितियों को बताती है, जिनमें निजी बचाव का अधिकार उपलब्ध नहीं होता.

इसके अलावा, निजी बचाव का अधिकार बदला लेने का अधिकार नहीं है. इसका उद्देश्य तत्काल खतरे से खुद को या किसी अन्य व्यक्ति को बचाना है. ये भी पढ़ें: टेरर फंडिंग और लेवी वसूली मामला: NIA कोर्ट ने 12 दोषियों को सुनाई 5 से 10 साल की सजा खतरा खत्म होने के बाद क्या? BNS की धारा 40 के अनुसार शरीर की निजी रक्षा का अधिकार तब शुरू होता है जब शरीर को खतरे की उचित आशंका पैदा होती है.

वहीं, यह केवल खतरा बने रहने तक ही लागू रहता है. इसलिए अगर हमलावर पीछे हट चुका है और तत्काल खतरा खत्म हो चुका है, तो उसके बाद बदले की कार्रवाई को केवल ‘सेल्फ डिफेंस’ बताना कानूनी रूप से सुरक्षित नहीं माना जा सकता. ये भी पढ़ें: कन्या भ्रूण हत्या पर कानून का शिकंजा, मंगलपुर में ग्रामीणों को किया गया जागरूक इसलिए वायरल वीडियो में कही गई “सेल्फ डिफेंस में सामने वाले को जान से मार सकते हैं” जैसी बात लोगों को अच्छा और फनी लग सकता है, लेकिन इसके कानूनी गंभीरता को बिना जाने, इसे सामान्य नियम समझना सही नहीं होगा..

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