नई दिल्ली। सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने ल्यूटेटियम एलिमेंट से एक परमाणु घड़ी (एटामिक क्लाक) बनाई है। यह घड़ी एक सेकेंड के खरबवें हिस्से को भी सही-सही माप सकती है और अलग-अलग माहौल में सबसे अधिक स्टेबल रहती है। इस पर तापमान या मैग्नेटिक फील्ड में बदलाव का बहुत कम असर पड़ता है। ल्यूटेटियम एक चांदी जैसा दिखने वाला सफेद रेयर-अर्थ मेटल है।
परमाणु घड़ियां एटामिक ट्रांजिशन के आधार पर समय मापती हैं यानी जब किसी एटम का इलेक्ट्रान अपना एनर्जी लेवल बदलता है। एटामिक ट्रांजिशन की फ्रीक्वेंसी, एटम की एक तय प्रापर्टी होती है। एक लेजर को क्लाक ट्रांजिशन के साथ मैच किया जाता है और लाइट आसिलेशन (प्रकाश का दोलन) पेंडुलम की तरह समय को गिनने का काम करते हैं।
1955 में पहली सटीक परमाणु घड़ी बनाने में सीजियम एलिमेंट के एटम का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन विज्ञानी दूसरे एलिमेंट के साथ समय मापने की क्षमता को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें हाल ही में रिकार्ड बनाने वाले येटरबियम, स्ट्रान्शियम और एल्युमीनियम शामिल हैं, जो सीजियम की तुलना में बहुत तेजी से आसिलेट करते हैं।

