मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान”का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान”का किया शुभारंभ

 

नीमच :-

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान”का किया शुभारंभ

जल सुनवाई से आमजनों को मिलेगा सुनवाई का हक– उपलब्‍ध होगा स्‍वच्‍छ पेयजल

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शनिवार को वीसी के माध्यम से, जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के लिये “स्वच्छ जल अभियान” का शुभारंभ किया । उन्‍होने कहा , कि जल सुनवाई से आमजनों को मिलेगा सुनवाई का हक और उन्‍हें उपलब्‍ध होगा स्‍वच्‍छ पेयजल। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, मुख्‍य सचिव श्री अनुराग जैन, एसीएस श्री संजय दुबे भी वीसी में उपस्थित थे।

मुख्‍यमंत्री डॉ.यादव ने कहा, कि यह हमारी जिम्‍मेदारी है, कि हम हर घर तक स्‍वच्‍छ जल पहुचाये। तकनीक का उपयोग कर अपनी जिम्‍मेदारी का निवर्हन करे। उन्‍होने निर्देश दिए, कि पेयजल गुणवत्‍ता की जांच हो। दूषित होने पर वैकल्पिक व्‍यवस्‍था की जाए। किसी भी परिस्थिति में दूषित पेयजल सप्‍लाई ना हो। “जल सुनवाई”गंभीरता से आयोजित हो। मुख्‍यमंत्री ने कहा, कि बडी चुनौती है, लेकिन हम गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आर्दश प्रस्‍तुत करेंगे। अभियान के क्रियान्‍वयन में लापरवाही करने वाले अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

वी.सी. में एसीएस श्री संजय दुबे ने अभियान की विस्‍तृत रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए प्रजेन्‍टेशन के माध्‍यम से बताया, कि यह अभियान दो चरणों में प्रथम चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक एवं व्दितीय चरण एक मार्च से 31 मई तक आयोजित किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत समस्त जल शोधन संयन्त्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की होगी सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से होगी निगरानी। पेयजल पाइप लाइन में दूषित मिश्रण को रोकने की होगी कारवाई।

जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जायेगी।इंटर पाइंट सेक्शन का होगा चिन्हांकन और लीकेज की होगी जांच। रोबोट से होगी पाइप लाइन में लीकेज की जांच। समस्त पेयजल स्त्रोत की गुणवत्ता का होगा परीक्षण। अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपायों के माध्यम से नागरिकों को साफ़ पीने का पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य को करेंगें पूरा। जल की गुणवत्ता का नियमित होगा परीक्षण। एसटीपी की भी होगी नियमित निगरानी। हर मंगलवार होगी “जल सुनवाई ”। 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था। पेयजल की समस्या से संबंधित आवेदन पत्र का निराकरण समयसीमा में, निराकरण से आवेदक को कराया जायेगा अवगत।

वीसी में सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, कमिश्नर नगरनिगम, सीईओ जिला पंचायत के साथ सभी अधिकारी एवं नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गण उपस्थित थे। नीमच के एनआईसी कक्ष में कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा, नीमच नगरपालिका अध्‍यक्ष श्रीमती स्‍वाति चौपडा, न.प.जावद के अध्‍यक्ष श्री सोहन लाल माली, न.प.रतनगढ की अध्‍यक्ष श्रीमती सुगनादेवी गुर्जर सहित सभी सीएमओ, जल निगम महाप्रबंधक, लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी विभाग एवं शहरी विकास अभिकरण के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।