मां की 6 साल पहले चोट लगने से आंखें हो गई थी खराब, अब मृतक बेटे की आखों से देख सकेगी माँ
रतलाम। हादसे से 22 साल के बेटे की मौत हो गई। इस गम के बीच उसकी आंखों का दान दृष्टिहीन मां के लिए उजाला लेकर भी आ सकेगा। मां की आंखों में 6 साल पहले चोट लगने से उन्हें दिखना बंद हो गया था। परिवार ने नेत्रदान करने के साथ ही दृष्टिहीन मां को नेत्र (कार्निया) लगाने की इच्छा जताई है। ईश्वरनगर निवासी कृष्णा उर्फ गन्ना (22) पिता मोहनलाल डाबी की रविवार को सड़क हादसे में मौत हो गई।

मां की 6 साल पहले चोट लगने से आंखें हो गई थी खराब
मृतक की बड़ी बहन की सहमति पर नेत्रदान किया गया। इस बीच परिवार ने बताया कि मृतक कृष्णा की माता कमलाबाई को छह साल पहले चोट लगने से उनकी आंखें खराब हो गई थीं। उन्हें दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता है। मृतक के काका पवन वसुनिया ने कहा कि कृष्णा की आंख (कार्निया) उसकी मां को लग जाए तो उन्हें दृष्टि मिल सकती है।

उधर, गीता भवन न्यास समिति डॉ. जीएल ददरवाल ने बताया पहले माता की आंखों की जांच जरूरी है। जांच में यदि कार्निया ही खराब निकला तो कृष्णा का कार्निया माता के काम आ जाएगा, लेकिन जांच में देरी होती है तो 14 दिन में कार्निया लगना जरूरी होने के नियम से ये कार्निया किसी और को लग जाएंगे।
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