मध्यांचल उत्सव-2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले – 21वीं सदी भारत की, युवा बनें जॉब क्रिएटर, state progress

मध्यांचल उत्सव-2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले – 21वीं सदी भारत की, युवा बनें जॉब क्रिएटर
मध्यांचल उत्सव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 21वीं सदी भारत की है। युवाओं को जॉब क्रिएटर बनने, निवेश, रोजगार और नवाचार में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
भोपाल। दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकरलाल सभागार में आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 का आयोजन मध्यप्रदेश के अध्ययनरत छात्रों के संगठन मध्यांयल स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में दिल्ली में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद की यह भविष्यवाणी कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साकार होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वैश्विक मंच पर भारत ने अपनी साख स्थापित की है और प्रधानमंत्री मोदी आज विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं।

भारत विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर
मध्यांचल उत्सव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत को विश्व का सबसे युवा लोकतांत्रिक देश बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रभावी रूप से इस युवा लोकतंत्र का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए युवा संगठित होकर दिल्ली में अध्ययन कर रहे हैं, जो प्रदेश के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश के युवाओं से भेंट होने से उनकी दिल्ली यात्रा सार्थक हो गई है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच और संगठित प्रयासों से ही देश और प्रदेश का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है।
युवाओं को सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता
मध्यांचल उत्सव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों में शामिल है और राज्य सरकार हर कदम पर युवाओं के साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को सक्षम बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए सभी प्रकार की अनुकूलताएं उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें और खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश का युवा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर बने।”
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे कृषि-टेक्नोलॉजी, चिकित्सा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य नवाचारों के क्षेत्रों में दक्ष बनें और देश व प्रदेश को सशक्त बनाने में योगदान दें।
राज्य की उपलब्धियां गिनाईं
मध्यांचल उत्सव-2026 के मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचाई के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कृषि उत्पादन को बल मिला है।
उन्होंने कहा कि आगामी पांच वर्षों में प्रदेश का बजट दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत प्रदेश में अधिक से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के माध्यम से राज्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

टेक्सटाइल उद्योग और रोजगार
मध्यांचल उत्सव-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल उद्योग को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि राज्य में टेक्सटाइल उद्योग स्थापित करने पर सरकार द्वारा प्रति श्रमिक प्रतिमाह 5,000 रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य रोजगार के अवसरों को बढ़ाना और प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सहयोग देने के लिए विशेष प्रावधान राज्य सरकार की नीतियों में किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली सरप्लस स्टेट है और रिन्यूएबल एनर्जी में सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी की दर मात्र 2 रुपये 10 पैसे प्रति यूनिट है, जो देश में सबसे कम है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि दिल्ली की मेट्रो भी मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है।
माइनिंग, जैव विविधता और पर्यटन
मध्यांचल उत्सव-2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माइनिंग सेक्टर में तेजी से कार्य हो रहा है और जैव विविधता के मामले में भी मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है।
उन्होंने बताया कि भोपाल के बड़े तालाब में शिकारे चलाए जा रहे हैं और फिल्म व पर्यटन नीति के माध्यम से निवेशकों व युवाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
मध्यांचल छात्र संगठन को बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यांचल उत्सव-2026 के सफल आयोजन के लिए मध्यांचल छात्र संगठन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी छात्र इसी प्रकार संगठित होकर सकारात्मक कार्य करते रहें और प्रदेश व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अन्य वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री श्याम टेलर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की प्रगति की गति दोगुनी हुई है। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा का प्रवाह और बाबा महाकाल मध्यप्रदेश की पहचान हैं।
दिल्ली में अध्ययनरत युवाओं द्वारा प्रदेश की कला, साहित्य, शालीनता और सभ्यता के संगम के रूप में आयोजित मध्यांचल उत्सव-2026 को उन्होंने सराहनीय पहल बताया।
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री रेखा सक्सेना और दिल्ली विश्वविद्यालय की कल्चर काउंसिल के संचालक श्री अनूप लाखर ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और युवाओं को प्रेरित किया।
निष्कर्ष
मध्यांचल उत्सव-2026 न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन था, बल्कि यह मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच भी बना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विचारों और योजनाओं से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर, नवाचारी और रोजगार सृजनकर्ता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि युवा संगठित होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करें, तो मध्यप्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।






