प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए 29 हजार 540 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति | लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 ह

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुईं। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के परीक्षण और अनुमोदन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपये और शहरी व नगरीय मार्गों के कायाकल्प तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 6,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार के लिए बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। साथ ही जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ ही राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया हैं।

इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की भी स्वीकृति दी गई है। लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया से संबंधित योजना को 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक योजनाओं के संचालन की निरंतरता के लिए कुल 15,598.27 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

स्वीकृति अनुसार कोषालयों की स्थापना के लिए 683.50 करोड़ रूपये, लंबित देनदारियों के भुगतान से सम्बंधित योजना के लिए 13,818.32 करोड़ रूपये के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, म.प्र. आंतरिक लेखा परीक्षण प्रकोष्ठ, निर्देशन एवं प्रशासन, संभागीय कार्यालयों की स्थापना और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी परियोजनाएँ एवं कार्य के लिए 1,096.45 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन सहित सड़कों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2031) तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

स्वीकृति अनुसार शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन के लिए 2,100 करोड़ रूपये और सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4,800 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना 15 अगस्त 1995 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को उनकी पात्रतानुसार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपये के स्थान पर 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

स्वीकृति अनुसार बुदनी में 100 एम.बी.बी.एस. सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय तथा 500 सीटर संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के नर्सिंग महाविद्यालय और पैरामेडिकल पाठ्क्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना भी की जायेगी।

नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठिकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए लागत राशि 163.95 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

इससे नीमच की नीमच तहसील के 22 ग्रामों की कुल 5,200 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपये किए जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि में किसी एक प्रकरण के लिए वर्तमान में निर्धारित सीमा राशि 16,000 रूपये को बढ़ाकर 25,000 रुपये किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उच्च न्यायालय के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर में गेट क्रमांक 4 और 5 के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग ब्लाक कम बार ऑफिस के निर्माण की लागत राशि 94 करोड़ 16 लाख रूपये की योजना के प्रस्ताव को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन को स्वीकृति दी है।

निर्णय अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकृत मार्गों के निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के अनुबंधों में अब मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए एक विशिष्ट फॉर्मूला [V = Q(W_f – W_o)] निर्धारित किया गया है, जिससे डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ संविदाकारों पर नहीं पड़ेगा।

इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगे। वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को मूल्य समायोजन का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इसके अतिरिक्त मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत संचालित EPC (Engineering, Procurement, and Construction) और HAM (Hybrid Annuity Model) परियोजनाओं में ‘Schedule-G’ और ‘Schedule-H’ के तहत मूल्य समायोजन की गणना त्रैमासिक के स्थान पर भारत सरकार के MoRTH (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) के नियमों के अनुसार मासिक आधार पर करने की स्वीकृति दी है।

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में क्रय किए गए बिटुमेन (डामर) के लिए लागू होगी।

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