स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता अनिवार्य: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश, सुरक्षित प्रसव पर विशेष जोर, 1

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स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता अनिवार्य: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश, सुरक्षित प्रसव पर विशेष जोर

स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने जिला स्वास्थ्य समिति बैठक में सख्त निर्देश दिए। सुरक्षित प्रसव, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल और 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।

जिले में आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने की। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए

कलेक्टर श्री चंद्रा ने कहा कि किसी भी मरीज को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की कमी गंभीर विषय है, और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिविल अस्पताल एवं जिला अस्पताल में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण रखा जाए।

स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता अनिवार्य: कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के सख्त निर्देश, सुरक्षित प्रसव पर विशेष जोर, 1

सुरक्षित प्रसव व्यवस्था पर विशेष फोकस

बैठक में कलेक्टर ने प्रत्येक गर्भवती महिला के सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं शासन की प्राथमिकता में शामिल हैं और इन सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का गर्भावस्था के प्रथम त्रैमास में पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि समय रहते उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा सके। प्रारंभिक पंजीयन से जोखिमों की पहचान जल्दी होती है और जटिलताओं को रोका जा सकता है।

⚠️ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सेवाएं

कलेक्टर श्री चंद्रा ने उच्च जोखिम (हाई रिस्क) गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन एवं उपचार को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उच्च जोखिम के लक्षण पाए जाने पर महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार आयरन सुक्रोज इंजेक्शन, एफसीएम इंजेक्शन तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उच्च रक्तचाप से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का समय पर प्रबंधन किया जाए, ताकि गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की जटिल स्थिति उत्पन्न न हो।

नियमित परीक्षण और सख्त निगरानी

बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अति उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का परीक्षण प्रत्येक माह में दो बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सिविल अस्पताल में अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले शासकीय सेवकों एवं चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सीधे मानव जीवन से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर कोताही नहीं होनी चाहिए।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा

कलेक्टर श्री चंद्रा ने बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सेक्टरवार समीक्षा की। विगत बैठक के बाद जिन मेडिकल ऑफिसरों द्वारा कार्य में सुधार किया गया, उनकी सराहना की गई। वहीं, जिन चिकित्सकों एवं सीएचओ का प्रदर्शन कमजोर पाया गया, उन्हें स्पष्ट रूप से कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।

24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को निर्देशित किया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी मरीजों के साथ संयमित और संवेदनशील व्यवहार करें।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों, जांच सुविधाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता बनी रहे, ताकि मरीजों को बाहर निजी अस्पतालों की ओर रुख न करना पड़े।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. खद्योत, सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटील, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. सिसोदिया, डीपीओ सुश्री अंकिता पंड्या सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे।

आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का संकल्प

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने कहा कि शासन का लक्ष्य है कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में दवाइयों की उपलब्धता और सेवाओं की गुणवत्ता में कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

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