नगर नायक भगवान बद्रीविशाल जी की भूमि संबंधी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग* महेंद्र उपाध्याय

*नगर नायक भगवान बद्रीविशाल जी की भूमि संबंधी प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग* महेंद्र उपाध्याय
मनासा। मनासा क्षेत्र में नगर नायक भगवान बद्रीविशाल जी की भूमि से जुड़े प्रकरण को लेकर जनभावनाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस महामंत्री श्री महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जिस प्रकार समाचार पत्रों ओर सोशल मीडिया में भगवान की आस्था से जुड़ी भूमि के संबंध में किसी प्रकार की अनियमितता, सांठगांठ अथवा अवैध लेन-देन से जुड़ी जो खबरें प्रचारित हो रही हे ओर यदि ऐसा कुछ खेल हुआ है तो यह अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। यह केवल जमीन का मामला नहीं बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक विश्वास का प्रश्न है।
महेंद्र उपाध्याय ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वास्तविक तथ्य जनता के सामने आ सकें। भूमि के स्वामित्व, राजस्व अभिलेखों, संभावित लेन-देन एवं संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जानी चाहिए।
श्री उपाध्याय ने माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से मांग की है कि वे कलेक्टर कार्यालय, नीमच को तत्काल प्रभाव से जांच के स्पष्ट निर्देश दें। यदि इस मामले में किसी जनप्रतिनिधि अथवा उनके परिवार का नाम सामने आया है या उपयोग किया गया है, तो यह भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वह उनकी जानकारी में था या बिना अनुमति उनका नाम जोड़ा गया। पारदर्शिता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
श्री उपाध्याय ने यह भी कहा कि नगर की भोली-भाली जनता को गुमराह कर किसी प्रकार की राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिन नेतृत्वकर्ताओं द्वारा पूर्व में इस मामले को लेकर जो सड़क पर विरोध प्रदर्शन ओर ज्ञापन देने का कार्य किया था। जो भी व्यक्ति या नेतृत्वकर्ता इस विरोध प्रदर्शन आंदोलन से जुड़े हैं, उन्हें अपना स्पष्ट और सार्वजनिक पक्ष रखना चाहिए कि अब वर्तमान में वो किस पक्ष में खड़े हे, विरोध या समर्थन में। जनता सच्चाई जानना चाहती है।
श्री महेंद्र उपाध्याय ने इस मामले को लेकर मांग की कि
• पूरे मामले की न्यायसंगत और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
• दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
• भविष्य में धार्मिक एवं सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्य सामने आना चाहिए और दोषियों को जवाब देना होगा।





