ध्वनि विस्तारक यंत्रों के बिना अनुमति के उपयोग पर लगाया गया प्रतिबंध रात्रि 10 से प्रात: 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध

विस्तारक यंत्रों के बिना अनुमति के उपयोग पर लगाया गया प्रतिबंध रात्रि 10 से प्रात: 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध
बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के बिना अनुमति के उपयोग पर लगाया गया प्रतिबंध रात्रि 10 से प्रात: 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध
आगामी दिनों में आयोजित होने वाली स्कूलों की बोर्ड परीक्षा, वार्षिक परीक्षा एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं के सुव्यवस्थित संचालन तथा परीक्षार्थियों को अध्ययन के दौरान किसी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री हिमांशु चंद्रा ने मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत जिले में बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
इस संबंध में दिये गए आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्र जैसे लाउड स्पीकर, डी.जे, बैंड-बाजा, जुलुस, इत्यादि का उपयोग तथा किसी आमसभा, जुलूस, सम्मेलन जलसा, खेल प्रतियोगिता और किसी भी निजी/सार्वजनिक कार्यक्रमो में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नही करेगा। परीक्षाओं के संचालन हेतु बनाये गये परीक्षा केन्द्रों से 200 मीटर की परिधि के भीतर कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं चलाया जाएगा। जहाँ कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र उपर्युक्त दूरी से परे चलाया जाता है, वहाँ उसके वॉल्यूम को इस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा कि जिससे परीक्षा केन्द्रों को कोई विघ्न न पहुँचे या न्यूसेंस कारित न हो।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का पूर्णरूपेण प्रतिबंध रहेगा। अत्यंत आवश्यक होने पर प्रातः 6.00 बजे से रात्री 10.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रो के 1/4 वॉल्यूम में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित निर्देशों के तहत उपयोग की अनुमति विहित प्राधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा म.प्र. कोलाहल नियत्रण अधिनियम 1985 की धारा 7 के उपबंधी को दृष्टिगत रखते हुए जारी की जाएगी ।
इस आदेश का उल्लंघन करने पर जिम्मेदार व्यक्ति के विरूद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी, जनपद सीईओ को इस आदेश का कडाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए है।





