धार्मिक एवं आस्था केंद्र जगदीश मंदिर पास फैली गंदगी लगा रही है शहर की स्वच्छता पर प्रश्न चिह्न

रामपुरा /स्वच्छता अभियान को लेकर अधिकारी कितने सजग हैं, इसकी बानगी रामपुरा नगर के मध्य स्थित नगर की आस्था के केंद्र भगवान जगदीश मंदिर के आसपास देखा जा सकता है। कूड़ा घर बना चुका नगर का छोटा तालाब मैदान और कूड़े में मुंह मारते बेसहारा पशु अफसरों के स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहे हैं। स्वच्छता को लेकर देश भर सहित नगर परिषद द्वारा अभियान चलाया जा रहा है,जिसमें जिम्मेदार विभागों द्वारा पूर्व में चलाए गए स्वच्छता अभियान की पोल खुल रही है। नगर के बीचों बीच स्थित नगर की आस्था के केंद्र जगदीश मंदिर के निकट ऐतिहासिक महत्व का जाम सागर तालाब नगर का कूड़ाघर बन चुका है। कूड़े से उठती दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। बारिश होने पर यह कूड़ा पानी में बहता हुआ मंदिर के समीप इकठा हो जाता है। खास बात यह है कि कूड़ा मुख्य मंदिर के पास मंदिर के पास स्वच्छता का मुँह चिढ़ाते नजर आती है। प्रतिदिन मंदिर में दर्शन करने पूजा-अर्चना करने आने वाले भक्तों को पहले कूड़े के दर्शन करने पड़ते हैं,जिससे उनकी धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुंच रही है। घरेलू कचरे के सही निस्तारण ना होने के कारण जनता परेशान हैं, नगर परिषद द्वारा नगर की ऐसी गालियां जहां स्वच्छता वहां नहीं पहुंच सकता उसके लिए तीन पहिया छोटे स्वच्छता वाहन खरीदे हुए कहीं समय हो गया परंतु उक्त वाहन नगर परिषद में महीनों से धूल खा रहे हैं वहीं नगर में गंदगी के कारण मच्छरों का जमावड़ा बना रहता हैजिस वजह से आसपास के क्षेत्रों में बीमारियों ने पांव पसार रखे हैं। वही नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस और ध्यान नहीं जा रहा है। इससे नगर वासियो में रोष व्याप्त है। कई बार वार्ड पार्षद सहित जनप्रतिनिधियों ने परिषद बैठक में उक्त मुद्दे को प्रमुखता से उठाया भी है फिर भी समस्या यथावत है 2 दिन बाद इसी मंदिर के समीप विराट हिंदू सम्मेलन एवं नगर भोज का आयोजन भी किया जा रहा है वही मकर संक्रांति को उक्त छोटा तालाब में छोटे-छोटे बच्चे एवं नगर के लोग मकर संक्रांति का त्यौहार मनाते हुए गिल्ली डंडे खेलते हैं नगर परिषद उदासीन रवैया त्यौहार एवं धार्मिक आस्था का मूछ चिड़ा रहा है

गांव के मध्य में बने इस कूड़े के स्थान को साफ स्वच्छ कर स्वच्छता अभियान का सार्थक प्रयास करना चाहिए जिससे नगरवासी सहित भक्त जनों को राहत मिल सकेंगे। । गर्मी के मौसम में तेज हवा चलने पर कूड़ा उड़कर मंदिर परिसर तक पहुंच जाता है। दुर्गंध के कारण मौके से गुजरना लोगों के मुश्किल हो रहा है। अनेकों बार कूड़ा घर समाप्त करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अधिकारी सुनवाई करने को तैयार नहीं है।
, जनप्रतिनिधि भी अनेकों बार इस मामले को परिषद की मीटिंग में रख चुके हैं। बावजूद इस मामले को लेकर कोई उचित कार्रवाई नहीं हो सकी। मंदिर के पास कूड़ा घर का होना लोगों की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ है। नगर परिषद कि जिम्मेदारों को इस बावत विचार करके स्थाई समाधान करना चाहिए. जिससे नगरवासियो को राहत मिल जाएं।





