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टोल प्लाजा के नजदीक रहने वालों को राहत? अब घर बैठे बनेगा लोकल पास, जानें पूरा नियम

Posted on August 18, 2026

NHAI ने डिजिटल लोकल पास की सुविधा शुरू की है. इसके तहत स्थानीय लोग बिना टोल प्लाजा जाए, घर बैठे ही मासिक पास के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस पास के जरिए संबंधित टोल प्लाजा से पूरे महीने कितनी भी बार आना-जाना किया जा सकता है. सबसे पहले समझिए, डिजिटल लोकल पास क्या है? डिजिटल लोकल पास खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो किसी टोल प्लाजा के आसपास रहते हैं और अपने निजी वाहन से वहां से अक्सर आते-जाते हैं.

अगर आप पात्र हैं, तो 350 रुपये में महीने भर का लोकल पास बनवा सकते हैं. इसके बाद उस टोल प्लाजा से पूरे महीने कितनी भी बार गुजरने पर हर बार सामान्य टोल शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी. हालांकि, एक बात ध्यान रखना जरूरी है. यह सुविधा देश के हर टोल प्लाजा पर लागू नहीं है.

अभी जिन टोल प्लाजा के लिए डिजिटल लोकल पास की सुविधा उपलब्ध है, उनकी जानकारी राजमार्गयात्रा ऐप पर दी गई है. इसलिए आवेदन करने से पहले ऐप पर यह जरूर देख लें कि आपके आसपास वाले टोल प्लाजा के लिए यह सुविधा शुरू हुई है या नहीं. कौन ले सकता है यह पास? NHAI के मुताबिक, अगर आपका घर संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है, तो आप डिजिटल लोकल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं.

आवेदन के दौरान आपके पते और वाहन की जानकारी की जांच की जाएगी. यह सुविधा गैर-वाणिज्यिक वाहन यानी ऐसे निजी वाहन जिनका इस्तेमाल कमाई या किराये पर सवारी ढोने के लिए नहीं किया जाता के लिए है. यानी सिर्फ इस वजह से कि आप किसी टोल प्लाजा से रोज आते-जाते हैं, आपको लोकल पास नहीं मिल जाएगा.

इसके लिए आपका घर तय 20 किलोमीटर के दायरे में होना और वाहन से जुड़ी जरूरी शर्तें पूरी करना जरूरी है. तो क्या आवेदन के लिए अब टोल प्लाजा जाने की जरूरत नहीं? नहीं, अब लोकल पास बनवाने के लिए हर बार टोल प्लाजा जाने की जरूरत नहीं है. पहले स्थानीय लोगों को टोल प्लाजा पहुंचकर अपना पता और पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने पड़ते थे.

अब यही काम राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए घर बैठे किया जा सकता है. इसके लिए NHAI ने डिजिटल व्यवस्था को डिजीलॉकर और वाहन जैसी सरकारी प्रणालियों से जोड़ा है. आपकी मंजूरी के बाद सिस्टम आपके पते, वाहन की जानकारी और उससे जुड़े फास्टैग की जानकारी के जरिए यह जांच करता है कि आप लोकल पास के लिए पात्र हैं या नहीं.

इससे कागज लेकर टोल प्लाजा जाने और वहां अलग से दस्तावेजों की जांच कराने की जरूरत काफी कम हो जाती है. यानी आवेदन से लेकर पात्रता की जांच तक की प्रक्रिया अब ऑनलाइन और ज्यादा आसान हो गई है. ये भी पढ़ें: अमेरिका में कैसे होती है वोटिंग? समझिए, ट्रंप ने क्यों दिया भारत के चुनावी मॉडल का उदाहरण क्यों दी जा रही लोकल पास की सुविधा इसे समझने के लिए पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो यानी एमएलएफएफ व्यवस्था को समझना होगा.

इसमें वाहन को टोल बूथ पर रोकने और कर्मचारी से टोल देने की जरूरत नहीं होती. फास्टैग और वाहन की पहचान के आधार पर टोल की प्रक्रिया अपने आप पूरी हो जाती है. लेकिन स्थानीय वाहन चालकों के लिए इसमें एक दिक्कत सामने आई. पहले कई जगह टोल कर्मचारी स्थानीय लोगों को पहचान के आधार पर गुजरने देते थे.

एमएलएफएफ में जब टोल बूथ पर कर्मचारी की जरूरत नहीं रहती, तो ऐसी छूट भी अपने आप नहीं मिलती. अगर किसी वाहन का वैध लोकल पास नहीं है और टोल का भुगतान भी नहीं होता, तो उस वाहन के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक नोटिस जारी हो सकता है. इसी वजह से डिजिटल लोकल पास को फास्टैग से जोड़ा गया है.

पास फास्टैग से लिंक होने के बाद सिस्टम वाहन की पहचान कर सकेगा और पात्र स्थानीय निवासी को हर बार अलग से टोल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी. क्या हर टोल प्लाजा के पास रहने वालों को यह सुविधा मिलेगी? नहीं. सिर्फ किसी टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने से यह सुविधा अपने आप नहीं मिल जाएगी.

डिजिटल लोकल पास फिलहाल उन्हीं टोल प्लाजा पर उपलब्ध है, जिन्हें एनएचएआई ने इस सुविधा के लिए शामिल किया है. इस सुविधा की शुरुआत जुलाई 2026 में दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से हुई थी. इसके बाद इसे दूसरे टोल प्लाजा तक भी बढ़ाया गया.

नई सूची में हरियाणा का बारटाना, उत्तर प्रदेश का भारतकुंड, आंध्र प्रदेश का भ्रमानापल्ली, तमिलनाडु का बूथाकुडी, मध्य प्रदेश का चिखलीकला और बिहार का देवकुली जैसे टोल प्लाजा शामिल हैं. एनएचएआई के मुताबिक अब 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल लोकल पास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

हालांकि, यह सूची आगे भी बढ़ सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले राजमार्गयात्रा ऐप पर अपने टोल प्लाजा का नाम जरूर जांच लें. कुल मिलाकर, अगर आपका घर किसी सूचीबद्ध टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है और आपके पास निजी वाहन है, तो आप डिजिटल लोकल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं.

अच्छी बात यह है कि इसके लिए अब टोल प्लाजा के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. लेकिन यह सुविधा हर टोल प्लाजा पर लागू नहीं है. आवेदन करने से पहले राजमार्गयात्रा ऐप पर अपने टोल प्लाजा की उपलब्धता और अपनी पात्रता जरूर जांच लें. पढ़िए देश दुनिया और बिहार झारखंड की ओरिजिनल खबर.

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