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एक साल में चौथी बार तबादला : IAS नेहा मारव्या बोलीं- ‘सिस्टम ने मुझे फेल कर दिया’

रिपोर्टर: mawafirstnews@gmail.com
📅 07 Sep 2026, 07:03 PM
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एक साल में चौथी बार तबादला : IAS नेहा मारव्या बोलीं- ‘सिस्टम ने मुझे फेल कर दिया’

मध्य प्रदेश की 2011 बैच की IAS नेहा का एक साल में चौथी बार तबादला किया गया है. इसके बाद उन्होंने IAS एसोसिएशन को पत्र लिखकर अपनी परेशानी बताई. उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है. नेहा ने सवाल उठाया कि अगर किसी अफसर को सिर्फ दो-तीन महीने ही काम करने का मौका मिले तो वह ठीक से काम कैसे करेगा? IAS नेहा ने कहा, “जब तक मैं अपनी जिम्मेदारी और काम को समझ पाती हूं, तब तक मेरा तबादला हो जाता है.” नेहा मारव्या ने आदिवासी क्षेत्र विकास परियोजना की डायरेक्टर का पद संभाला था.

अभी उन्हें इस पद पर दो महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि उनका फिर तबादला कर दिया गया. इससे कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने उनके खिलाफ पेन-डाउन प्रदर्शन किया था. दरअसल, मारव्या ने कुछ कर्मचारियों को नोटिस जारी कर काम को लेकर जवाब मांगा था. अब उन्हें मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है.

यह पद अतिरिक्त सचिव के बराबर माना जाता है. नेहा मारव्या ने अपना पत्र आईएएस एसोसिएशन के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी शेयर किया. उन्होंने लिखा कि ज्वाइन करने के महज 50 दिन के अंदर ही उनका तबादला कर दिया गया. मारव्या ने कहा, “मैंने हमेशा सरकार के आदेशों को सम्मान के साथ स्वीकार किया है, लेकिन इस बार मैं खुद को हतोत्साहित महसूस कर रही हूं.” कुछ कर्मचारियों ने नेहा मारव्या की टेबल पर हाथ पटककर हंगामा किया नेहा मारव्या ने आरोप लगाया कि उनके अधीन काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने उनकी टेबल पर हाथ पटककर हंगामा किया और तबादला कराने की धमकी दी.

मारव्या के मुताबिक, उन्होंने कर्मचारियों की अनुशासनहीनता और फाइलें रोककर रखने की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही पद से हटा दिया गया. क्या कोई आईएएस अधिकारी इतना कमजोर हो सकता है? मारव्या का सवाल मारव्या ने सवाल उठाया कि क्या कोई आईएएस अधिकारी इतना कमजोर हो सकता है कि उसके अधीन काम करने वाले कर्मचारी ही यह तय करने लगें कि उसका तबादला कहां होगा.

उन्होंने पूछा कि आखिर एक महीने के अंदर उन्होंने ऐसा क्या कर दिया था, जिसके लिए उन्हें यह सजा मिली. मारव्या ने कहा, “एक अधिकारी को किसी काम को समझने में ही कम से कम एक महीना लग जाता है. इसके बावजूद मेरा इतनी जल्दी तबादला कर दिया गया. इस तबादले से मुझे अपमानित महसूस हुआ.” नेहा मारव्या का कब-कब हुआ विवाद? जनवरी 2025 में नेहा मारव्या को डिंडौरी कलेक्टर का पद संभालने के करीब आठ महीने बाद हटा दिया गया था.

इससे पहले 2017 में शिवपुरी जिला पंचायत की सीईओ रहते हुए उनका तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव के साथ वाहन भुगतान को लेकर विवाद सामने आया था, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. वहीं, 2022 में मारव्या ने आरोप लगाया था कि राजस्व विभाग में उनकी नई पोस्टिंग के बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ने उन्हें पदभार संभालने के लिए कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया..

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