आम बजट 2026: आम आदमी के साथ छल, आंकड़ों की चमक में छिपी सच्चाई – महेंद्र उपाध्याय* *डबल इंजन सरकार के दावे के बावजूद मध्यप्रदेश को बजट में अपेक्षित विशेष लाभ क्यों नहीं मिला? – श्री उपाध्याय

 

*आम बजट 2026: आम आदमी के साथ छल, आंकड़ों की चमक में छिपी सच्चाई – महेंद्र उपाध्याय*

  • *डबल इंजन सरकार के दावे के बावजूद मध्यप्रदेश को बजट में अपेक्षित विशेष लाभ क्यों नहीं मिला? – श्री उपाध्या*

मनासा। – केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026 को आम आदमी, गरीब, मजदूर और किसान की अपेक्षाओं के साथ किया गया छल है। यह बजट जमीनी हकीकत से कटा हुआ और केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नजर आता है। उक्त बात ज़िला कांग्रेस कमेटी नीमच के महामंत्री श्री महेंद्र उपाध्याय ने एक प्रेस नोट के माध्यम से कहीं।
श्री उपाध्याय ने कहा कि देश का युवा आज रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, किसान बढ़ती लागत और कर्ज के बोझ तले दबा है, मजदूर महंगाई से त्रस्त है और मध्यम वर्ग घटती क्रयशक्ति से परेशान है — लेकिन बजट में इन वर्गों को ठोस राहत देने का स्पष्ट रोडमैप दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और आंकड़ों की बाजीगरी को उपलब्धि बता रही है, जबकि आम आदमी की थाली, किसान की फसल और मजदूर की मजदूरी पर सीधा असर डालने वाले मुद्दों पर गंभीरता का अभाव है।
श्री उपाध्याय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में वास्तविक आय बढ़ाने, एमएसपी की कानूनी गारंटी, सिंचाई और लागत नियंत्रण जैसे मुद्दों पर ठोस प्रावधान नहीं किए गए। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की बजाय केवल घोषणाओं का सहारा लिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि महंगाई पर कोई स्पष्ट नियंत्रण नीति नहीं है। गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए जीवनयापन की लागत कम करने के उपाय नगण्य हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित बजटीय विस्तार न होना सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
श्री उपाध्याय ने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान और बड़े भौगोलिक राज्य के लिए बजट में कोई विशेष पैकेज या बड़ी परियोजना की स्पष्ट घोषणा नहीं की गई। राज्य को न तो विशेष औद्योगिक प्रोत्साहन पैकेज मिला, न ही सिंचाई, आदिवासी क्षेत्र विकास या कृषि प्रसंस्करण के लिए अलग से उल्लेखनीय वित्तीय सहायता का प्रावधान दिखा।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में मध्यप्रदेश के विकास को प्राथमिकता देती, तो बुंदेलखंड, मालवा-निमाड़ और आदिवासी अंचलों के लिए विशेष आर्थिक सहायता, नई औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाएँ और किसानों के लिए क्षेत्रीय राहत पैकेज घोषित किए जाते।
श्री उपाध्याय ने कहा कि यह बजट “जनकल्याण” से अधिक “प्रचार प्रबंधन” प्रतीत होता है। देश को भाषणों की नहीं, संवेदनशील और जवाबदेह आर्थिक नीति की आवश्यकता है। श्री उपाध्याय ने प्रश्न उठाया कि डबल इंजन सरकार के दावे के बावजूद मध्यप्रदेश को बजट में अपेक्षित विशेष लाभ क्यों नहीं मिला?
श्री उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आम आदमी, किसान, मजदूर और वंचित वर्गों की आवाज़ को सड़क से सदन तक उठाती रहेगी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रख

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