भानपुरा : हिंगलाजगढ़ किले में बच्चों ने प्रकृति को सिर्फ देखा नहीं, जिया भी। मध्यप्रदेश शासन वन विभाग और मप्र ईको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से वन मंडल मंदसौर के भानपुरा वन परिक्षेत्र द्वारा आयोजित ‘अनुभूति’ ईको कैंप में शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोरदा और लेदीकला के करीब 130 विद्यार्थी व शिक्षक शामिल हुए। ये बच्चे यहां प्रकृति दूत बने। गांधीसागर के समीप ऐतिहासिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थल पर जंगल की पगडंडियों ने सीखने की नई राह खोली।
पॉलीथिन के दुष्प्रभाव बताए और कपड़े के थैलों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। डीएफओ संजय रायखेरे ने जंगलगीता, पशु-पक्षियों और जैव विविधता के महत्व को सरल भाषा में समझाया। उप वनमंडलाधिकारी सरोज रोच और वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकित भदौरिया के मार्गदर्शन में नेचर ट्रेल के जरिए बच्चों को वनों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों,
तितलियों-
मधुमक्खियों की भूमिका, विषैले सांपों की पहचान तथा मिट्टी-जल संरक्षण की तकनीकों से परिचित कराया। क्विज में विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, सभी को अनुभूति किट दी गई और
कैंप में वन संरक्षक आलोक पाठक ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
भानपुरा हिंगलाजगढ़ किले में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया




